इंतज़ार तुझे पाने का,
इंतज़ार तेरे नाम के साथ मेरा नाम सुने जाने का,
न जाने इस इंतज़ार की इन्तहा कहाँ है,
इब्तेदा तो तेरे मेरे पहले मिलन से हुई थी,
इंतज़ार तुझे अपनी बाहों में भर लेने का,
इंतज़ार तेरी जुल्फों में छुप जाने का,
इंतज़ार तेरी सुरीली आँखों में खो जाने का,
इंतज़ार तेरे चेहेरे को चूमने का,
यह इंतज़ार न जाने कब ख़तम होगा,
तेरा मेरा मिलन न जाने अब कब होगा,
इंतज़ार तुझे अपनी दुल्हन बनाने का,
इंतज़ार तेरे सुर्ख होंठों से शबनम चुराने का,
इंतज़ार तेरी रूह को पाने का,
इंतज़ार तेरी रूह को पके, उसकी इबादत करने का,
इस इंतज़ार की शमा को आके अब बुझा दे,
अबके बरस तू मुझे अपनी माँग का सिन्दूर बना ले....

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